अलवर। आधुनिक युग में सोशल मीडिया जहां एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है, वहीं मेवात क्षेत्र में इसका अनियंत्रित और दिशाहीन उपयोग चिंता का विषय बनता जा रहा है। शिक्षा की कमी के कारण यहां के युवा तेजी से फेसबुक, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की ओर आकर्षित हो रहे हैं। वे बिना किसी ठोस उद्देश्य और तकनीकी जानकारी के चैनल बना रहे हैं और ऐसे वीडियो या पोस्ट साझा कर रहे हैं जो न तो शिक्षाप्रद हैं और न ही समाज के लिए उपयोगी। यह प्रवृत्ति समाज, बच्चों और शिक्षा प्रणाली पर गंभीर प्रभाव डाल रही है। मेवात पहले से ही शिक्षा के मामले में पिछड़ा हुआ जिला माना जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यहां का साक्षरता दर अन्य जिलों की तुलना में काफी कम है। ऐसे में, जब युवा अपना समय पढ़ाई के बजाय सोशल मीडिया पर व्यर्थ वीडियो बनाने में लगाते हैं, तो उनकी शैक्षणिक प्रगति रुक जाती है। सोशल मीडिया की लत और भविष्य पर खतरा डिजिटल युग में सोशल मीडिया हर किसी को अभिव्यक्ति का मंच दे रहा है, लेकिन जब यह ज्ञान और शिक्षा के बजाय केवल जल्दी प्रसिद्धि पाने के साधन में बदल जाए, तो यह युवाओं के भविष्य के...
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें